शहीद करनैल सिंह को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अन्तिम विदाई, माता पिता का इकलौता चिराग बुझा

Edited By: रिशु प्रभाकर,बिलासपुर
अपडेटेड: a month ago IST

हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के नयना देवी क्षेत्र  के गांव चंगर तरसूह के शहीद सैनिक  करनैल सिंह का शुक्रवार को पुरे सैन्य सम्मान के साथ हिमाचल की सीमा के साथ लगते पंजाब के बरमला श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया | शहीद के अंतिम दर्शन को मौके पर भारी  जनसैलाब उमड़ पड़ा। करनैल सिंह पुत्र शेर सिंह निवासी गाँव चंगर तरसूह  26 फरवरी गुरूवार को श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे | शुक्रवार सुबह सेना के अफसर और जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव चंगर तरसूह पहुंचे थे । बरमला श्मशानघाट  में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान उन्हें ग्रामीणों ,परिवार  और नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए मौके पर सैलाब  उमड़ पड़ा।प्रशासन की ओर से एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम, पुलिस विभाग से डीएसपी नयना देवी संजय शर्मा, बीडीओ स्वारघाट अनिल कक्कड़, भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रणधीर शर्मा शहीद के अंतिम संस्कार में पहुंचे और उन्हें श्रदांजली दी |

जिला बिलासपुर सैनिक कल्याण बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर पीएस अत्री ने बताया कि भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट 19 जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में तैनात था और 26 फरवरी को ड्यूटी के दौरान हिमसंखलन की चपेट में आने के चलते करनैल सिंह की मौत हो गई थी | करनैल सिंह माता-पिता का इकलौता बेटा था और दो साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था | उसके दो बहने एक छोटी और एक बड़ी बहन है जिसकी शादी हो चुकी है | करनैल सिंह की एक अभी तक शादी नहीं हुई थी |

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