Loading...

जनमंच के नाम पर सरकारी मशीनरी और सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक एजेंडे पर काम किया जा रहा

Edited By: विजय शर्मा
अपडेटेड: a month ago IST

अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का जनमंच लोगों की समस्याओं का निवारण करने के बजाय अधिकारियों के प्रताड़ित करने का मंच होकर रह गया है उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार में प्रदेश में चलाए जा रहे जनमंच कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है उन्होंने इस पर चिंता जताई है उन्होंने जारी बयान में कहा कि सार्वजनिक मंचो पर अधिकारियों का अपमान कर भारतीय जनता पार्टी के मंत्री सरकारी सेवा नियमों की अवहेलना के साथ ही उन्हें डराने का भी प्रयास कर रहे हैं जो की पूरी तरह गैरकानूनी है उन्होंने दावा किया कि सरकार का जनमंच कार्यक्रम उपहास बनकर रहता जा रहा है उन्होंने आरोप लगाया कि जनमंच के नाम पर सरकारी मशीनरी और सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक एजेंडे पर काम किया जा रहा है इससे आम लोगों को कोई लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा उन्होंने कहा कि देखा गया कि जनमंच में अधिकारियों पर दबाव बनाकर उन्हें अपने कुछ चहेतों को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने में अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि नदोन में जनमंच में सचिव के निलंबन जैसी कार्रवाई करना निंदा जनक है उन्होंने आरोप लगाया कि प्रति जनमंच के आयोजन पर दो से तीन लाख तक राशि खर्च की जा रही है और रूटीन के किए जाने वाले कार्यों को जनमंच में निपटाया जा रहा है उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में आयोजित किए गए मरैहड़ा बदैहण जैसे क्षेत्र की आई शिकायतें सहित  दर्जनों ऐसी शिकायतें हैं जो अभी तक सुलझाने का नाम नहीं लिया जा रहा है उन्होंने कहा कि गैस बांटने के नाम पर सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ जुटाने से अधिक कोई कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ पाया है। प्री जनमंच एक माह से सुंदरनगर में चलता रहा मंडल के अधिकारी गांव में घूम घूम कर कार्य करते रहे।  जिससे पूरे मंडल का विकास कार्य सहित लोगों के संबंधित कार्य ठप रहे मंडल के सारे अधिकारी मात्र 14 पंचायतों के कार्यो को निपटाने में मशगूल रहे इस तरह के धन खर्च से प्रदेश को चूना लगाकर भाजपा के मंत्री वाहवाही लूटने से अधिक कोई कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। सरकार ने लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए शुरू किया गया। जनमंच राजनीतिक स्टेज बन कर रह गया है। प्रदेश भर में  अभी तक जनमंच पर करोड़ों रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है सरकारी अधिकारियों को पूर्ण सार्वजनिक तौर पर मंच में राजनीतिक धौंस से अपमानित किया जाता है।

Subscribe Our Channel for latest News:

loading...

Loading...

Loading...

अन्य ख़बरें