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नगर परिषद सुंदरनगर के पुस्तकालय की हालत दयनीय

Edited By: विजय शर्मा
अपडेटेड: 3 weeks ago IST

बाद भी पुस्तकालय को मुहैया करवाए जाने वाले न्यूज़पेपर के बदले में बिल का भुगतान करने की जहमत नहीं उठाई है। अलबत्ता इस मामले को लेकर स्थानीय न्यूज़पेपर के एजेंट ने जहां एक ओर संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर शासन और प्रशासन के ध्यान में भी इस मसले को लाया जा चुका है। लेकिन इस दिशा में कोई भी काम होता नजर नहीं आया है। इस संदर्भ में स्थानीय न्यूज़ एजेंसी के मालिक विजय कुमार सूद ने जब सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी जुटाने भी चाही, तो नगर परिषद की ओर से महज एक ही जवाब आया कि वह नगर परिषद सुंदरनगर के पुस्तकालय का जो भी आय व्यय संबंधित न्यूज़ पेपर के खर्चों के संबंध में आता है। इस तरह की उन्होंने आज तक कोई भी जानकारी या लेन देन का ब्यौरा तैयार नहीं रखा है और इस तरह का टालमटोल जवाब देकर मामले को आज दिन तक इतिश्री करते आए हैं। जबकि विजय कुमार सूद शारीरिक रूप से 75 प्रतिशत दिव्यांगता के रोग से ग्रस्त हैं और इस रोग से ग्रस्त होने के बावजूद और ऊपर से एक्ट 2016 की सरेआम नगर परिषद सुंदरनगर के अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा अवहेलना की जा रही है। जबकि इस नियम और एक्ट की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत जुर्माना और सजा का प्रावधान है। इस बात को लेकर विजय कुमार सूद अब आगे कार्रवाई नगर के अधिकारियों के खिलाफ अमल में लाने जा रहे हैं। उधर जब दिव्यांगजनों से जुड़े इस मसले का पता मु य समाजसेवी एवं दिव्यांगजनों के कानूनी सलाहकार कुशल कुमार सकलानी को चला तो उन्होंने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कड़ा संज्ञान लिया है और विजय कुमार सूद को आश्वस्त किया है कि वह इस मसले को लेकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और शासन और प्रशासन समेत नगर परिषद को उनकी इस लापरवाही और दिव्यांगजन व्यक्ति के साथ जिस तरह का सलूक पिछले डेढ़ दशक से करते आ रहे हैं, उसकी भरपाई अवश्य ही आला अधिकारियों के समक्ष पूरा ब्यौरा पेश करके करेंगे। सकलानी ने उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर से मांग की है कि वह दिव्यांगजनों से जुड़े इस मसले में व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेकर दिव्यांगजनों के साथ न्याय करें

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