Loading...

सावन के महीने में शंकर भगवान के इन 108 नामों का करें जाप,पूरी होगी हर मनोकामना

Edited By: हिमाचल एक्सप्रेस डेस्क
अपडेटेड: 2 months ago IST

हिन्दू धर्म में भगवान शिव को सबसे ऊंचा दर्जा दिया गया है। हालांकि कई लोग अपने ईष्ट देव को सर्वोपरी मानते हैं। सावन के महीने में महादेव की पूजा-अर्चना का अधिक फल मिलता है। भगवान शिव को सावन का महीना बहुत प्रिय है।

सावन के महीने में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र के जाप को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इसके साथ ही एक अहम बात यह है कि उनके नामों का जाप करने का भी फल मिलते है। भोले के कई नाम हैं। यदि उनके 108 नामों का जाप करते हैं तो उनकी मनोकामना पूरी होती है। 

शंकर भगवान के 108 नाम

हर-हर महादेव, रुद्र, शिव, अंगीरागुरु, अंतक, अंडधर, अंबरीश, अकंप, अक्षतवीर्य, अक्षमाली, अघोर, अचलेश्वर, अजातारि, अज्ञेय, अतीन्द्रिय, अत्रि, अनघ, अनिरुद्ध, अनेकलोचन, अपानिधि, अभिराम, अभीरु, अभदन, अमृतेश्वर, अमोघ, अरिंदम, अरिष्टनेमि, अर्धेश्वर, अर्धनारीश्वर, अर्हत, अष्टमूर्ति, अस्थिमाली, आत्रेय, आशुतोष, इंदुभूषण, इंदुशेखर, इकंग, ईशान, उन्मत्तवेष, उमाकांत, उमानाथ, उमेश, उमापति, उरगभूषण, ऊर्ध्वरेता, ऋतुध्वज, एकनयन, एकपाद, एकलिंग, एकाक्ष, कपालपाणि, कमंडलुधर, कलाधर, कल्पवृक्ष, कामरिपु, कामारि, कामेश्वर, कालकंठ, कालभैरव, काशीनाथ, कृत्तिवासा, केदारनाथ, कैलाशनाथ, क्रतुध्वसी, क्षमाचार, गंगाधर, गणनाथ, गरलधर, गिरिजापति, गिरीश, गोनर्द, चंद्रेश्वर, चंद्रमौलि, चीरवासा, जगदीश, जटाधर, जटाशंकर, जमदग्नि, ज्योतिर्मय, तरस्वी, तारकेश्वर, तीव्रानंद, त्रिचक्षु, त्रिधामा, त्रिपुरारि, त्रियंबक, त्रिलोकेश, त्र्यंबक, दक्षारि, नंदिकेश्वर, नंदीश्वर, नटराज, नटेश्वर, नागभूषण, निरंजन, नीलकंठ, नीरज, परमेश्वर, पूर्णेश्वर, पिनाकपाणि, पिंगलाक्ष, पुरंदर, पशुपतिनाथ, प्रथमेश्वर, प्रभाकर, प्रलयंकर, भोलेनाथ, बैजनाथ।

भक्तगण यदि उनके 108 नामों का जाप करते हैं तो उनकी मनोकामना पूरी होती है।  

Subscribe Our Channel for latest News:

Loading...

loading...

Loading...

अन्य ख़बरें