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बेसहरा छात्रों के लिये सहारा बना दो भाइयों का संघर्ष

Edited By: मोक्ष शर्मा, नाहन
अपडेटेड: 7 months ago IST

शहर में दो सगे भाइयों की जोड़ी ने लगाया शिक्षा का एक ऎसा पेड़ जो प्रतियोगिता की परीक्षाओं में युवाओं को गुणवत्ता से सुसज्जित कोचिंग मुहैया करवाता है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं ब्रेन ट्री इन्फोटेक कोचिंग इन्स्टिट्यूट की। खास बात यह है कि जहां एक और तो ब्रेन ट्री सिरमौर ज़िला के युवाओं को बेहतरीन कोचिंग देकर उन्हें सरकारी नौकरी पाने में सक्षम बनाता है वहीं दूसरी और बिन माँ-बाप के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करता है। यही नहीं कोचिंग लेने वाले छात्रों को पढ़ाई के लिये एक बेहतरीन वातावरण भी उपलब्ध करवाया जाता है। यहाँ पर आये युवाओं को दोनों भाई अपनी ज़िम्मेवारी समझ उनके लिये चौबीसों घंटे उपलब्ध रहते हैं । यूं तो विभिन्न विषयों के लिये यहाँ पर अध्यापक नियुक्ति किये गये हैं लेकिन इसके बावज़ूद भी अरुण चौहान और मुकेश चौहान खुद सभी छात्रों के प्रदर्शन का ध्यान रखते हैं। 
 
मूलतः शिलाई के माशु गांव में पले बढे दोनों भाइयों का जीवन बड़ी गुरबत में बीता। माता-पिता ने दूध बेच कर दोनों भाइयों की पढ़ाई का खर्च वहन किया । आर्थिक तंगी ने कहीं ना कहीं इनकी उड़ान पर रोक लगायी।शायद ये ही बात उनके दिल में घर कर गयी जिसके चलते उन्होंने अपने सपनों के पंखों हवा देने के लिये ये राह चुनी और फैसला किया युवाओं को  ऎसी शिक्षा मुहैया करवाने का जो आर्थिक तौर से कमजोर वर्ग को भी अपने कदमों पर खड़ा करवा सके । उन्हें रोज़गार के लिये सक्षम बनाने का जिम्मा लिया गया ब्रेन ट्री इन्फोटेक के माध्यम से। दोनों भाइयों ने अरसा पहले नाहन के छोटा चौक में “BrainTree infotech” को शुरू किया था।
मौजूदा समय में लगभग 100 से 150 छात्र अपना भविष्य संवारने के उद्देश्य से यहां कोचिंग ग्रहण कर रहे हैं।आपको बता दें की लगभग तीन सालों के सफ़र में  100 से ज़्यादा युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफ़लता हांसिल की है जिसमें 25-30 युवा सेना में भारत की सरहदों की सुरक्षा कर रहें हैं। वहीं कुछ शिक्षक बन देश का भविष्य सँवारने का का काम बख़ूबी निभा रहें हैं । 
 
“BrainTree Infotech” में टेट, पुलिस, जेल पुलिस ,सेना , वन रक्षक के अलावा हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित की जाने वाली परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है,  खास बात यह भी है कि समाज में अपने दायित्वों का पालन करने में भी दोनों भाई पीछे नहीं रहते। जरूरतमंदों की मदद के साथ-साथ अनाथ बेसहारा बच्चों को निशुल्क कोचिंग प्रदान करते हैं। दिव्यांगों व बीपीएल परिवारों को निशुल्क व सस्ती दरों पर यहाँ कोचिंग दी जा रही है । शिक्षा के मद्देनजर उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षक यहाँ विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहें हैं ।संभवत “Brain Tree Infotech” शहर में पहला ही संस्थान है, जहां बिन माँ बाप के बेसहारा बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता साथ ही अन्य ज़रूरतमंद बच्चों को  न्यूनतम फीस स्ट्रक्चर के तहत बेहतरीन कोचिंग देने का प्रयास किया जाता है।
संस्थान चला रहे भाइयों से बात की गयी तो उनका कहना है कि शुरआती दौर काफी कठिन था जिसमें अरुण चौहान को तो एक निजी कम्पनी में कार्य करके अपना गुजारा करना पड़ा था लेकिन वो कहते हैं ना की "मंजिलें उन्हीं को मिलतीं हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौंसलों से उड़ान होती है" और ये कर दिखाया इन दो सगे भाइयों ने । वर्तमान समय में सिरमौर ज़िला के नाहन व पावंटा में "Brain Tree infotech" अपनी सेवाएं दे रहा है। दोनों संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 
संस्थानों में दाखिला हासिल करने के लिए मोबाइल नंबर ,0835 100 8390 (नाहन)व 08894987084 (पावंटा)पर संपर्क किया जा सकता है।

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