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मरीज के परिजनों ने लगाया काठा अस्पताल प्रबन्धन पर लापरवाही का आरोप

Edited By: सुरिन्द्र सिंह सोनी,नालागढ़
अपडेटेड: 11 months ago IST

सड़़क दुर्घटना में हैड इंजरी का शिकार हुए मरीज के परिजनों  ने ई.एस.आई.सी. अस्पताल काठा के प्रबन्धन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 3 दिसंबर को झाड़माजरी में सड़क दुर्घटना के चलते अपने सिर की हड्डडी गवां चुके व जिंदगी व मौत से जूझ रहे सोनु कुमार पुत्र राजवीर ङ्क्षसह निवासी कुरूक्षेत्र के पिता ने अस्पताल में पिछले तीन दिन से सिर का आप्रेशन करवाने के बाद हम लोग काठा अस्पताल में भर्ती है परन्तु बड़ी हैरानी की बात है कि यहां मरीज को बेहतर सुविधाएं मिलना तो दूर किसी डाक्टर ने आकर अभी तक मरीज का हाल चाल भी नहीं पूछा। सिर का आप्रेशन होने के चलते उनके बेटे की बार-बार कंडीशन खराब हो जाती है परन्तु केाई पूछताछ नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि मेरे बेटे के आगे दो छोटे बच्चे है व पेंटर का काम कर अपना गुजारा करता था।

परन्तु अब पिछले 20 दिनों से दुर्घटना के चलते उनका बेटा बैड पर है व उन्हें रोटी के लाले पड़े हुए हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेश जाहिर करते हुए भी उन्हेंाने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक अपनी कार्यवाही पूरी नहीं की । उन्हेांने बताया कि मेरे बेटे का आपे्रशन पी.जी.आई. में हुआ है व छुट्टी के बाद काठा अस्पताल रैफर कर दिया गया । पी.जी.आई. से उन्हें सपैशल डाईट चाट बनाकर दिया हुआ परन्तु उनके मरीज को पिछले तीन दिन से यहां खाना ही नहीं दिया गया । कहने को तो यह 100 बैडड का अस्पताल है परन्तु अगर यहां सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए तो यहां मरीज ठीक होने की बजाय बीमार हो जाता है। उन्हेांने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि उनके बेटे को यहंा बेहतर सुविधाएं मुुहैया करवाई जाए ताकि वो जल्द ठीक होकर अपने परिवार की देखभाल कर सके।  इसके अलावा अन्य मरीजों के परिजनों राज कुमार, रमेश , रविंद्र , अशोक  कुमार, हुसन चंद का कहना है कि अस्पताल में कोई पूछने वाला ही नहीं है । इसके बारे में जब क्षेत्रीय निदेशक ई.एस.आई.सी. हिमाचल प्रदेश से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसी शिकायत नहीं आई है व अगर किसी मरीज के साथ ऐसा हो रहा है तो जरूरी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। वहीं जब इस बारे यस आई कथा के एमएस से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह किसी ट्रेनिंग से दिल्ली आए हुए हैं और अगर ऐसा हस्पताल में किसी आईपी के साथ दूर्वेवार हो रहा है तो वह जरूर इस पर कार्रवाई करेगी.

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