Loading...

अपमान से आहत 93 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी ने छोड़ दिया खाना-पीना, PM से जांच की गुहार

Edited By: रिशु प्रभाकर,बिलासपुर
अपडेटेड: 3 months ago IST

जिला बिलासपुर के गांव  कुठेड़ा निवासी स्वतन्त्रत्ता सैनानी डंडू राम ने अपने अपमान से आहत होकर चार दिनों से   खाना -पीना छोड़  घर भी  नहीं गए हैं।  93 वर्षीय स्वतन्त्रत्ता सैनानी डंडू राम ने सरकार पर  आरोप लगाया है कि 9 अगस्त को राष्ट्रपति के  द्वारा सम्मानित करने के लिए उन्हें जिला प्रशासन से निमंत्रण  पत्र प्राप्त हुआ था  मगर दिल्ली पहुँचने पर राजभवन के अधिकारियों ने यह कह कर निराश किया कि  शिमला से उन्हें  सम्मानित करने का स्वीकृति पत्र   जारी नहीं हुआ है जिस कारण  आप सम्मान समारोह में भी शामिल  नहीं ले सकते हैं। स्वतंत्रता सैनानी की बेटी मीरां देवी ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना से उनके पिता बहुत आहत हुए। उन्होंने वहां से घर आने के लिए मना कर दिया। वह बार -बार एक ही बात कर रहे थे जिंदगी भर उन्होंने अपना जीवन बड़े गर्व व आत्मसम्मान पूर्वक यापन किया  है मगर जीवन के 93 बसंत देखने के उपरान्त ऐसी घटना घटित होने से वह अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। मीडिया कर्मियों से बातचीत करने हुए स्वतंत्रता सैनानी डंडू राम ने बताया कि आजादी की लड़ाई के दौरान बाल्यकाल में ही   उन्हें तत्कालीन  कहलूर राजा आनंद चंद  ने उन्हें बारह वर्ष का देश निकाला दिया था। उस दौरान छः माह कारावास की सजा भी झेली थी।   बारह वर्ष तक वह घर नहीं आ सके थे। देश आजाद होने के उपरान्त वर्ष 1948 में वह भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट  में भर्ती हो गए। वर्ष 1962 में चीन के साथ ,वर्ष 1965 ,71 में भारत -पाक में हुए युद्धों में भी हिस्सा लिया। उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति भारतीय सेना व भारत सरकार से भी उन्हें कई मैडल  सम्मानपूर्वक प्रदान किए थे।  उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि उन्हें सम्मानित करने की कोई आवश्यकता नहीं है मगर जो सरासर उनके साथ भद्दा मजाक कर उन्हें इस आयु के पड़ाव पर अपमानित किया है इस प्रकरण की जांच की जाए क्योंकि यह प्रकरण एक स्वतन्त्रत्ता सैनानी के मान -सम्मान एवं स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है।

Subscribe Our Channel for latest News:

loading...

Loading...

अन्य ख़बरें